वर्तमान में ज्योतिष शास्त्र की महत्ता को देखते हुए इस ब्लॉग को बनाया गया है। यहाँ अध्ययन करके आप स्वयं भी कुंडली परीक्षण कर सकते है और साथ ही ज्योतिष शास्त्र का अध्ययन भी कर सकते है।
शरीर में कोई भी रोग व विकार का शारीरिक प्रक्रिया में अन्दुरुनी विकार ही समस्या की जड़ है.इससे सम्बन्धित व्यक्ति का लग्न , ( जो कि व्यक्ति का प्रतिनिधि है ) पीड़ा को बताता है. इसी...
जन्म कुंडली में किसी घटना के होने में दशाओं के साथ गोचर के ग्रहों की भूमिका भी महत्वपूर्ण होती है। यदि जन्म कुंडली में दशा अनुकूल भावों की चल रही है लेकिन ग्रहों का गोचर अनुकूल नहीं है तब व्यक्ति को संबंधित भाव के फल नहीं मिल प…
हमारे षोडष संस्कारों में विवाह एक अति-महत्त्वपूर्ण संस्कार है वहीं सुखद व प्रेमपूर्ण दाम्पत्य ईश्वरीय वरदान के सदृश है। लेकिन प्रारब्ध कर्मानुसार व्यक्ति की जन्मपत्रिका में कुछ ऐसी ग्रहस्थितियां निर्मित हो जाती हैं जिसके फलस्व…
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