वर्तमान में ज्योतिष शास्त्र की महत्ता को देखते हुए इस ब्लॉग को बनाया गया है। यहाँ अध्ययन करके आप स्वयं भी कुंडली परीक्षण कर सकते है और साथ ही ज्योतिष शास्त्र का अध्ययन भी कर सकते है।
बृहस्पति को 2, 5, 9, 10 और 11वें भाव का स्थिर कारक माना गया है। आमतौर से अपने ही भाव में कारक को अच्छा नहीं माना गया है परंतु दूसरे भाव में बृहस्पति को लाभ देने वाला माना गया है। प्रत्य...
1- सांप दिखाई देना- धन लाभ 2- नदी देखना- सौभाग्य में वृद्धि 3- नाच-गाना देखना- अशुभ समाचार मिलने के योग 4- नीलगाय देखना- भौतिक सुखों की प्राप्ति 5- नेवला देखना- शत्रुभय से मुक्ति 6- पगड़...
जन्म कुंडली का विश्लेषण करते समय अस्त ग्रहों पर भी विचार करना चाहिए। कुंडली में पाये जाने वाले अस्त ग्रहों का अपना एक प्रभाव होता है एवं एक दैवज्ञ का इस पर विचार करना आवश्...
लग्न कुंडली में 30 स्थान परिवर्तन योग से जीवन सुखमय बन जाता है। योग की चर्चा कर रहे हैं जो कि इस प्रकार है- 1. भाग्येश एवं लाभेश का स्थान परिवर्तन योग 2. लाभेश एवं धनेश का स्थान पर...
मित्रों आज ज्योतिष में एक बहुत ही महत्वपूर्ण माने जाने वाले योग राहु शनि की युति पर लिख रहा हूँ। आमतोर पर इस योग को सर्प योग की संज्ञा विद्वानों के द...
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