वर्तमान में ज्योतिष शास्त्र की महत्ता को देखते हुए इस ब्लॉग को बनाया गया है। यहाँ अध्ययन करके आप स्वयं भी कुंडली परीक्षण कर सकते है और साथ ही ज्योतिष शास्त्र का अध्ययन भी कर सकते है।
सूर्य के बाद धरती के उपग्रह चन्द्र का प्रभाव धरती पर पूर्णिमा के दिन सबसे ज्यादा रहता है। जिस तरह मंगल के प्रभाव से समुद्र में मूंगे की पहाड़ियां बन जाती हैं और लोगों का खून दौड़ने लगता है उसी तरह चन्द्र से समुद्र में ज्वार-भाटा …
नमस्कार मित्रों, क्या आपने कभी सोचा कि जब हम रात को सोते हैं तो हम सोते वक्त कितनी गलतियां करते हैं। चलिये आज मैं आपको सोते समय हम कौन-कौन सी गलतियां करते हैं बताता हूँ- 1. सूने घर में अकेला नहीं सोना चाहिए। देवमन्दिर और श्मशान म…
आजकल लड़के-लड़कियाँ उच्च शिक्षा या अच्छा करियर बनाने के चक्कर में बड़ी उम्र के हो जाने पर विवाह में काफी विलंब हो जाता है। उनके माता-पिता भी असुरक्षा की भावनावश बच्चों के अच्छे खाने-कमाने और आत्मनिर्भर होने तक विवाह न…
कुम्भ अथवा मीन लग्न वालों के बारहवें भाव में स्थित शुक्र योगप्रद नहीं होता, परन्तु अन्य लग्नों के बारहवें भाव में स्थित शुक्र योगप्रद होता है। शुक्र एक भोग-विलास का ग्रह ह...
मनुष्य की मृत्यु के समय जो कुंडली बनती है, उसे पुण्य चक्र कहते हैं. इससे मनुष्य के अगले जन्म की जानकारी होती है। मृत्यु के बाद उसका अगला जन्म कब और कहां होगा, इसका अनुमान लगाय...
जानिए क्या है होरा, ज्योतिष में क्यों है इसका विशेष महत्व - ज्योतिष शास्त्र में होरा का बहुत महत्त्व होता है। होरा से जातक की धन-संपत्ति के बारे में विचार किया जाता है। एक होरा का मान 15 अंश होता है। एक राशि का मान 30 अंश होता …
चिकित्सक बनने के योग : 1.कुंडली में यदि – दशम भाव /दशमेश पर अष्टमेश की दृष्टि/ युति प्रभाव और सूर्य शनि का दृष्टि व युति संबंध हो। 2.एकादश भाव/ एकादशेश पर सूर्य, शनि व अष्टमेश का प्...
Social Plugin