मित्रों इस भाव में चन्द्र कालपुरुष की कुंडली में अपनी ही राशि में  होता है और अपने ही  कारक भाव  में होता है इसिलिय इस भाव के चन्द्र के अधिकतर शुभ फल ही जातक को मिलते है | यहाँ का चन्द्र किस्मत को जगाने वाला और आमदनी का दरिया कहा गया है लाल किताब में | इसका मतलब है की चन्द्र से सम्बन्धित चीजें जातक की उन्नति में विशेष सहायक सिद्ध होती है जैसे की जातक की माता का उसके भाग्य उदय करने में विशेष योगदान होता है और चन्द्र से स्म्बन्धिर कार्य जातक को विशेष फल देते है | आमदनी के दरिया से यहाँ अभिप्राय है की जातक जितना ज्यादा खर्च करता है उसकी आमदनी उतनी ज्यादा बढ़ जाती है और जितना खर्च में कटोती करता है उसी के हिसाब से उसकी आमदनी में कमी आ जाती है याने की कंजूस बनना जातक की आमदनी के लिय शुभ फल नही देता है। यहाँ का चन्द्र जातक को दिन का चैन और रात का सुकून देने के योग बना देता है |
ऐसे जातक को कई बार दूसरों की अमानत मिलने के योग भी बन जाते है जैसे की कोई उसे अपना कोई समान दे जाए लेकिन फिर वो वापिस मुडकर उसे वापिस लेने ही न आये। यहाँ चन्द्र होने पर कोई भी काम करते समय दूध से भरा हुआ मिटटी का बर्तन रखना जातक को शुभ फल देता है और उस काम के पुरे होने के योग प्रबल रूप से बना देता है। इस भाव के  चन्द्र वाले जातक को कोई देवीय सहायता मिलने के भी पुरे चांस रहते है |
इस भाव में शुभ राशि में विराजमान चन्द्र जातक को दिल की शान्ति देता है , भूमि मकान वाहन के अच्छे सुख मिलने के योग बना देता है। चूँकि ये भाव गर्भ अवस्था का भी होत्र है इसिलिय किसी स्त्री की कुंडली में ये चन्द्र गर्भपात होने की सम्भवना बहुत कम कर देता है |
यहाँ चन्द्र होने पर यदि राहू दसम भाव में हो तो जातक को दिमाकी सदमात होने की पूरी सम्भवना रहती है | दसम में मंगल हो तो जातक को हिम्मत और होसले का ये मालिक बना देता है | दसम में गुरु हो तो जातक यदि साधू को भोजन भी खाने को दे तो भी उसको उसके लिय बुरा सुनना पड़ सकता है यानी की जग भलाई के काम उसे ज्यादा शुभ फल नही देते है। शुक्र के दसम में होने पर जातक को माता और पत्नी दोनों का अच्छा सुख मिलता है |
चन्द्र गुरु की इसी भाव में युति जातक को बहुत शुभ फल देती है और जातक को जीवन में सभी प्रकार  के सुख के साधन मिलने के योग बना देती है | राहू या केतु यदि चन्द्र के साथ इसी भाव में हो तो वो भी जातक को अपना दुस्फ्ल नही दे पाते है और पाप न करने की कसम खाए रहते है शर्त है की  जातक राहू को घर में कायम न होने दें यानी की कोयला कबाड़ आदि इक्कठा न होने दें।

मित्रों ये मुख्य रूप से लाल किताब पर आधारित आंशिक विवेचना है | पूर्ण फल पूरी कुंडली पर निर्भर करेगा |