बुध या कोई भी ग्रह हो सब ग्रहो का अपना अपना महत्व होता है। किसी भी ग्रह के बारे में कितना भी लिखा जाय वह कम ही है। बुध जातक की बुद्धि, बोलने की कला, सोच-समझने की ताकत है। इसकी बुद्धि बहुत तेज गति से काम करती है। लेखक बनना यह बुध की ही देन होती है। जिस भी जातक की लिखने की कला अच्छी होती है, लिखता कोई जातक बहुत सुंदर है उसके लिखे शब्दों को पढ़कर, देखकर कहा जाय कि अमुक जातक लिखता कितना सुंदर है तो ऐसे जातको का बुध अच्छा होता है। किसी भी विषय का गहराई से अध्ययन करने की ताकत बुध देता है। जो जातक गायक होते है उनका का बजी बुध अच्छा होता है। गायन विद्या का कारक बुध ग्रह है। वकील लोग बुध की ताकत के बल पर ही मुकदमो में अपनी बुद्धि-बल का प्रयोग करके है क्योंकि बुध के पास ऐसी सोच है जो कोई न कोई रास्ता हर समस्या का लगभग निकाल लेती है। बलवान बुध को राहु का साथ मिल जाने से इसकी सोचने की ताकत कई गुना ज्यादा बढ़ जाती है। यह व्यापार का प्रबल कारक है, कोई भी व्यापार हो चाहे उस व्यापार में प्रयोग होने वाली वस्तुओ के कारक ग्रह अन्य ग्रह ही क्यों न हो, बुध की ठीक स्थिति के बिना व्यापार में उन्नति मिल ही नही सकती।यह जातक की त्वचा का कारक भी होता है यदि त्वचा संबंधी रोग रहते है तो कही न कही बुध के अशुभ फल मिल रहे होते है। बुध संबंधियो में बहन, बुआ, फूफा, मोसी, मौसा का कारक है। बुध की अच्छी स्थिति बुध जातक को इन संबंधियो का स्नेह दिलाती है। यह मिथुन और कन्या राशि का स्वामी है। कुंडली के लग्न(सुबह के समय)यह दिग्बल प्राप्त करता है। बुध की ओर से शुभ फल प्राप्त न हो रहे हो या शुभ फलो में कमी रहती है तो इसके शुभ फल प्राप्त करने के लिए गाय को हरा चारा बुध वार के दिन या रोज खिलाना चाहिए, गणेश की पूजा-आराधना करनी चाहिए, पिंचरे में बंद तोते को आजाद करना भी बुध को अच्छा बनाता है, वृष, मिथुन, कन्या, तुला, मकर, कुम्भ के जातको को पन्ना पहनना शुभ रहता है। पन्ना धारण करने में यह बात ध्यान रखनी चाहिए बुध नीच राशि का न हो। बुध के मन्त्र "ॐ बुं बुधाय" का जप करना बुध की स्थिति को अनुकूल करता है।
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