वैदिक ज्योतिष में मंगल की बात करे तो इनको क्रूर ग्रह कहा गया है यह युवा अवस्था के ग्रह है और कारक पुरुष की मेष और वृश्चिक राशि के स्वामी है जो कि मस्तिक और मसल्स, लिंग और गुर्दा की कारक है यह अग्नि तत्व ग्रह है और पृथ्वी के सबसे नजदीक है यह युवावस्था और अग्नि तत्व है तो एक बाद खुद व खुद जुड़ गए कि यह गुस्से वाले है तो जिन जातकों का मंगल बलबान होता है वो हठी , तानाशाह प्रवित्ति के होते है यह क्या है कि शनि की राशि शत्रु राशि उस मे जाके उच्च के होते है तो यह वैसे भी इनको सेनापति  कहा गया है , आप कहि भी जाओ , जो रक्षा ,विभाग की चीजें होगी , कोई अग्नि की चीज होगी , और कोई युद्ध आदि की कोई चीज होगी , या कोई भी हानिकारक चीज होगी , जिससे जान , माल का नुकशान हो सकता है वहा लाल रंग से खतरे का निसान बनाया गया होगा , और लाल रंग जो कि मंगल का ही है तो आप यह कह सकते है कि वहाँ यह बताया गया होगा कि यह मंगल का स्थान है यहाँ आप थोड़ी सावधानी रखें, तो मंगल की व्यवसाय आदि की बात करे या कारक की बात करे तो यही होगा , रक्षा विभाग, मिल्ट्री सेना, पुलिस या कोई हथियारों के सम्बद रखने वाले कार्य और प्रायः यह देखा भी गया है कि जिनका मंगल बलबान होता है वो इस साइड में ही ज्यादा सफल होते है अग्नि की बात करे तो , अग्नि युद की हथियार की भी हो सकती है अग्नि किसी बिजली घर के अंदर भी हो सकती है और अग्नि हमारे रसोईघर में भी हो सकती है तो बिजली , उत्पादन , या बिजली घर मे भी यह बलबान हो तो कार्य देता है , अग्नि घर की भी है तो यह हलवाई , आदि जहाँ अग्नि का प्रयोग होता हो वहां भी यह बलबान कार्य देता है बलबान मंगल वाले मनुष्य बहुत हठी , क्रोधी मतलब इनको झुकना पंसद नही टूट सकते है ऐसे ही मनुष्य जो होते है उनका मंगल बलबान ही होता है मिथुन लग्न में मंगल सबसे ज्यादा असुभ होता है और एक बात और मिथुन लग्न के जातकों के दुर्घटना, चोरी आदि की घटना का चास बहुत अधिक होता है ऐसे मिथुन लग्न के जातकों को अपने पास कोई  कीमती सामान आदि पास रखना नही चाहिए, और वाहन आदि चलाते समय विशेष सावधानी रखें।